श्वसन संस्थान क्या है? श्वसन संस्थान के कार्य, अंग व व्यायाम पर प्रभाव

श्वसन संस्थान क्या है? | अंग, कार्य और व्यायाम पर प्रभाव

श्वसन संस्थान (Respiratory System) शरीर का एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसके माध्यम से ऑक्सीजन शरीर के भीतर पहुंचाई जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकाली जाती है। इस संस्थान में नासिका, ग्रासनिका (Pharynx), स्वरयंत्र (Larynx), श्वासनली (Trachea) और फेफड़े प्रमुख अंग हैं।

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नासिका का कार्य

नासिका (Nose) श्वसन प्रणाली का प्रारंभिक भाग है। इसके मुख्य कार्य हैं:

  • वायु को अंदर लेना और नमी प्रदान करना।
  • वायु में उपस्थित धूलकणों और कीटाणुओं को छानना।
  • वायु को गरम करना ताकि वह फेफड़ों तक सुरक्षित पहुँच सके।

नासिका की झिल्लियां और बाल वायु में मौजूद हानिकारक तत्वों को रोकने का कार्य करती हैं।

फेफड़े का कार्य

फेफड़े दो भागों में विभाजित होते हैं – दायाँ और बायाँ फेफड़ा। यह लचीले होते हैं और इनकी मुख्य भूमिका है:

  • श्वासनली (Trachea) से वायु को ब्रोंकियल ट्यूब्स और फिर वायु कोष्ठिकाओं (Air Sacs) तक पहुँचाना।
  • वायु कोष्ठिकाओं की पतली दीवारों के माध्यम से ऑक्सीजन को रक्त में पहुंचाना और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर लाना

श्वसन संस्थान के प्रमुख अंग

श्वसन संस्थान के 5 प्रमुख अंग निम्नलिखित हैं:

  1. नाक (Nose)
  2. श्वास नली (Trachea)
  3. फेफड़े (Lungs)
  4. ग्रासनिक (Pharynx)
  5. वायु नली (Bronchial Tubes)

व्यायाम का श्वसन संस्थान पर प्रभाव

व्यायाम के समय शरीर को अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिससे श्वसन क्रिया तीव्र हो जाती है।

  • श्वास गति (Breathing Rate) बढ़ जाती है।
  • श्वास गहरे होते हैं ताकि फेफड़ों में अधिक मात्रा में वायु पहुँच सके।
  • वायु कोष्ठिकाओं में गैसों का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी हो जाता है।
  • फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे शरीर अधिक समय तक कार्य कर सकता है।

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