प्रश्न : 'पंचपात्र' के लेखक हैं –
(अ) श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
(ब) वाजपेयी
(स) डॉ. नगेन्द्र
(द) मिश्र जी
सही उत्तर: (अ) श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
विस्तृत व्याख्या :
‘पंचपात्र’ हिन्दी गद्य-साहित्य का एक प्रसिद्ध निबंध है, जिसकी रचना श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने की थी। यह रचना हिन्दी निबंध साहित्य में आलोचनात्मक और सांकेतिक शैली का सुंदर उदाहरण मानी जाती है।
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लेखक परिचय: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी (1894–1971)
- बख्शी जी हिन्दी के प्रमुख निबंधकार, आलोचक और विचारक थे।
- वे छत्तीसगढ़ के निवासी थे और प्रारंभिक हिन्दी पत्रकारिता व आलोचना के क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य रहा है।
- उनकी लेखनी में गहरी समाज-संवेदना, भाषिक परिष्कार और गद्य सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं:
- पंचपात्र (प्रसिद्ध निबंध-संग्रह)
- साहित्य, कला और विवेक
- रस मीमांसा पर लेख
- अनेक साहित्यिक आलोचनाएँ व समीक्षा-लेख
'पंचपात्र' निबंध की विशेषताएँ:
‘पंचपात्र’ एक प्रतीकात्मक निबंध है जिसमें लेखक पाँच पात्रों के माध्यम से पाँच प्रकार के मनुष्यों का व्यक्तित्व चित्रण करता है। यह निबंध मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से गहराई लिए हुए है।
निबंध में पाँच पात्रों के माध्यम से दिखाई गई प्रवृत्तियाँ:
- आशावादी व्यक्ति
- निराशावादी व्यक्ति
- तटस्थ या उदासीन व्यक्ति
- आक्रोशपूर्ण या प्रतिक्रियावादी व्यक्ति
- समत्व या संतुलन बनाए रखने वाला व्यक्ति
यह रचना व्यक्ति के दृष्टिकोण, सोचने की शैली, और सामाजिक भूमिका को दर्शाने का प्रयास करती है।
इस निबंध की भाषा-शैली:
- बख्शी जी की भाषा सरल, साहित्यिक और विचारोत्तेजक होती है।
- वे प्रतीकों और रूपकों का सुंदर प्रयोग करते हैं, जिससे पाठक विषय की गहराई तक पहुँच पाता है।
- पंचपात्र निबंध पढ़ते हुए लगता है कि हम केवल पात्रों की बात नहीं कर रहे, बल्कि समाज के विभिन्न मानसिक और भावनात्मक स्तरों को समझ रहे हैं।
अब अन्य विकल्पों का विश्लेषण करें:
(ब) वाजपेयी:
- यहाँ ‘वाजपेयी’ से स्पष्ट नहीं होता कि किस लेखक की बात हो रही है।
- हिन्दी साहित्य में अटल बिहारी वाजपेयी, श्रीराम वाजपेयी जैसे कई वाजपेयी नाम हैं, लेकिन इनमें से किसी ने 'पंचपात्र' नहीं लिखा।
(स) डॉ. नगेन्द्र:
- डॉ. नगेन्द्र हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक और विचारक थे।
- उन्होंने आधुनिकता, नयी कविता और साहित्य समीक्षा पर कार्य किया है।
- लेकिन 'पंचपात्र' उनके द्वारा रचित नहीं है।
(द) मिश्र जी:
- यह उत्तर अस्पष्ट है — ‘मिश्र जी’ कौन? ऐसे कई मिश्र उपनाम वाले लेखक हैं: हरिऔध मिश्र, रामचंद्र शुक्ल मिश्र आदि।
- इनमें से कोई भी ‘पंचपात्र’ के लेखक नहीं हैं।
निष्कर्ष:
‘पंचपात्र’ निबंध के माध्यम से श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने समाज के पाँच मानसिक स्वरूपों का अद्भुत चित्रण किया है।
यह रचना हिन्दी निबंध साहित्य का एक कालजयी उदाहरण है और लेखक की गहन जीवन-दृष्टि को प्रस्तुत करती है।
इसलिए प्रश्न का सही उत्तर है – (अ) श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी।
