दूसरा श्वास (Second Wind) क्या है? - AskPYQ

दूसरा श्वास क्या है?

किसी कार्य को शुरू करते समय पैदा हुए दबाव तथा कार्य करते रहने पर घुटन अथवा तनाव की स्थिति से शिथिल होने की अवस्था को दूसरा श्वास (Second Wind) कहते हैं।

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दूसरा श्वास (Second Wind) से आप क्या समझते हैं?

जब हम किसी कठिन कार्य की शुरुआत करते हैं तो शरीर पर, विशेषकर श्वसन क्रिया पर दबाव महसूस होता है और कार्य छोड़ने की इच्छा होने लगती है। यदि व्यक्ति कुछ समय तक कार्य करता रहता है, तो वह घुटन या दबाव दूर हो जाता है और शरीर शिथिल महसूस करने लगता है। यह स्थिति "दूसरा श्वास" कहलाती है।

इस स्थिति को अक्सर श्वसन क्रिया के अनुकूल हो जाने से जोड़ा जाता है, लेकिन वास्तव में यह एक व्यापक शारीरिक समायोजन है जिसमें शरीर के कई अंग सुचारु रूप से कार्य करने लगते हैं।

दूसरे श्वास की स्थिति में शरीर में क्या परिवर्तन होते हैं?

जब दूसरा श्वास आता है, तो व्यक्ति विशेषकर धावक, निम्नलिखित परिवर्तन अनुभव करते हैं:

  • श्वास पर दबाव की अनुभूति समाप्त हो जाती है।
  • श्वास गति धीमी और गहरी हो जाती है।
  • मांसपेशियों की पीड़ा कम हो जाती है।
  • हृदय गति सामान्य हो जाती है, और धड़कनें कम हो जाती हैं।
  • शरीर में पसीना आता है जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित होता है।
  • लंबी दूरी के धावक इस स्थिति को अधिक अनुभव करते हैं, खासकर नए धावकों में यह ज्यादा आम है।
  • प्रशिक्षित खिलाड़ी अक्सर इस स्थिति को नहीं महसूस करते क्योंकि उनका शरीर पहले से ही अभ्यस्त होता है।
  • यह स्थिति शरीर के वार्मअप न होने पर अधिक देखी जाती है और गर्मी के मौसम में इसका प्रभाव अधिक होता है।

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