प्रश्न : भाषा सीखने का उद्देश्य है –
(अ) विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना
(ब) अपनी बात कहना सीखना
(स) दूसरों की बात समझना सीखना
(द) कोई नहीं
सही उत्तर: (अ) विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना
विस्तृत व्याख्या :
भाषा सीखने का मूल उद्देश्य केवल शब्दों को याद करना, व्याकरण के नियमों को जानना, या उत्तर लिखना नहीं होता।
बल्कि इसका सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है — मनुष्य को अपने विचारों, भावनाओं और आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से संप्रेषित करने में सक्षम बनाना, चाहे वह बोलकर हो, लिखकर हो या संकेतों द्वारा।
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भाषा सीखने का कार्य तभी सार्थक माना जाता है जब व्यक्ति उसे वास्तविक जीवन की विभिन्न स्थितियों में प्रयोग कर सके — जैसे:
- किसी सभा में बोलना,
- दुकानदार से सामान माँगना,
- शिक्षक से प्रश्न पूछना,
- मित्रों से विचार साझा करना,
- शिकायत करना,
- समाचार सुनाना,
- सोशल मीडिया पर विचार लिखना, आदि।
इन सभी स्थितियों में व्यक्ति को भाषा का प्रयोग उचित, सटीक, और प्रभावशाली ढंग से करना आना चाहिए। यही भाषा सीखने का असली उद्देश्य है।
विकल्पों का विश्लेषण:
(अ) विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना – सही उत्तर
- यह उत्तर व्यापक और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
- भाषा का प्रयोग स्थिर या एक जैसे संदर्भों में नहीं होता। यह हमेशा परिवेश, श्रोता, भावना और उद्देश्य के अनुसार बदलता है।
- उदाहरण: घर में बोलने की भाषा और नौकरी के इंटरव्यू में बोलने की भाषा एक जैसी नहीं होती।
इसलिए भाषा सीखने का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि व्यक्ति हर परिस्थिति में भाषा को प्रभावी ढंग से प्रयोग करना सीख जाए।
(ब) अपनी बात कहना सीखना – आंशिक रूप से सही
- अपनी बात कहना भी भाषा सीखने का उद्देश्य है, लेकिन यह एकतरफा प्रक्रिया है।
- भाषा केवल "बोलना" नहीं है, बल्कि यह एक दो-तरफा संवाद है — जिसमें बोलना, सुनना, समझना और उत्तर देना, सभी शामिल होते हैं।
- अतः यह उत्तर आंशिक रूप से सही है, पर सबसे उचित नहीं।
(स) दूसरों की बात समझना सीखना – भी आंशिक रूप से सही
- यह भी भाषा का एक प्रमुख पक्ष है — सुनना और समझना,
- लेकिन केवल सुनकर समझना पर्याप्त नहीं होता जब तक व्यक्ति अपनी प्रतिक्रिया न दे पाए।
- अतः यह भी भाषा सीखने का एक पहलू है, पूर्ण उद्देश्य नहीं।
(द) कोई नहीं – स्पष्टतः गलत उत्तर
- यह उत्तर गलत है क्योंकि भाषा सीखने का स्पष्ट, महत्वपूर्ण और व्यावहारिक उद्देश्य होता है।
उदाहरण से स्पष्ट करें:
मान लीजिए एक बच्चा भाषा सीख रहा है। यदि वह केवल "कुत्ता", "पंखा", "किताब" जैसे शब्द याद कर ले, तो क्या वह भाषा जान गया? नहीं।
जब तक वह यह न कह सके —
"मुझे पानी चाहिए",
"मैं थक गया हूँ",
"आप कैसे हैं?",
"मुझे वह किताब दीजिए",
तब तक हम नहीं कह सकते कि उसने भाषा सीख ली।
इसका अर्थ है कि भाषा तब सीख ली जाती है जब व्यक्ति उसे वास्तविक जीवन में प्रयोग करना सीख जाए — वह भी प्रभावशाली ढंग से।
निष्कर्ष:
भाषा का उद्देश्य संप्रेषण है — और संप्रेषण तभी सफल होता है जब भाषा का प्रयोग विभिन्न संदर्भों में प्रभावी रूप से किया जाए।
इसलिए भाषा शिक्षण का मुख्य लक्ष्य यह नहीं कि विद्यार्थी केवल "पढ़े और लिखे", बल्कि यह है कि वह हर स्थिति में उपयुक्त और सजीव भाषा का प्रयोग कर पाए।
इस दृष्टि से सही उत्तर है – (अ) विभिन्न स्थितियों में भाषा का प्रभावी प्रयोग करना।
