प्रश्न : 'अंधे के हाथ बटेर लगना' का अर्थ है –
(अ) बेतुका मेल मिलना
(ब) बिना कुछ किए फल की प्राप्ति
(स) व्यवहार में स्पष्टता
(द) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ब) बिना कुछ किए फल की प्राप्ति
विस्तृत व्याख्या :
‘अंधे के हाथ बटेर लगना’ एक बहुप्रचलित हिन्दी मुहावरा है, जिसका प्रयोग ऐसे समय किया जाता है जब किसी व्यक्ति को बिना किसी विशेष मेहनत या प्रयास के, अचानक कोई लाभ या सफलता मिल जाती है।
यह कहावत भाग्य से मिली उपलब्धि या अनपेक्षित सौभाग्य को दर्शाती है।
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मुहावरे का भावार्थ:
- इस मुहावरे में 'अंधा' व्यक्ति ऐसा प्रतीक है जो देख नहीं सकता,
- और ‘बटेर’ एक ऐसा पक्षी है जिसे पकड़ना तेज़ दृष्टि और फुर्ती की माँग करता है।
- जब ‘अंधे के हाथ बटेर लगती है’, तो यह घटना पूरी तरह से संयोग या भाग्य का परिणाम मानी जाती है, न कि व्यक्ति की योग्यता या मेहनत का।
यही कारण है कि इस मुहावरे से हम यह समझते हैं कि बिना कोई प्रयास किए या बिना पात्रता के ही कोई बड़ी उपलब्धि मिल जाना, ही इसका मुख्य आशय है।
प्रयोग के उदाहरण:
- "वह तो परीक्षा में पढ़े बिना पास हो गया, जैसे अंधे के हाथ बटेर लग गई हो।" → बिना तैयारी के सफलता, केवल संयोगवश मिली।
- "बॉस का दिल जीत लिया उसने तो जैसे अंधे के हाथ बटेर लग गई।" → बिना विशेष प्रयास के ऊँचा स्थान या सम्मान मिल गया।
अब विकल्पों का विश्लेषण करें:
(ब) बिना कुछ किए फल की प्राप्ति – सही उत्तर
- यही इस मुहावरे का सीधा और सटीक अर्थ है।
- इसमें व्यक्ति को बिना श्रम, प्रयास या प्रयास की योग्यता के ही लाभ या सफलता मिलती है।
- यह वाक्यांश अक्सर भाग्यवादी दृष्टिकोण को दर्शाने के लिए प्रयोग होता है।
(अ) बेतुका मेल मिलना
- यह विकल्प कुछ हद तक भ्रमित कर सकता है, लेकिन ‘बेतुका मेल’ यानी असंगत या अनुचित मेल का अर्थ इस मुहावरे से नहीं निकलता।
- ‘अंधे के हाथ बटेर लगना’ में संयोग की बात होती है, असंगति की नहीं।
(स) व्यवहार में स्पष्टता
- यह बिल्कुल अलग अर्थ है और इस मुहावरे से कोई संबंध नहीं रखता।
- यहाँ न तो स्पष्टता की बात है और न ही व्यवहार की।
(द) इनमें से कोई नहीं
- यह भी गलत है क्योंकि (ब) विकल्प बिल्कुल सटीक अर्थ प्रस्तुत करता है।
अन्य समानार्थी मुहावरे:
- भाग्य खुल जाना
- न बैठे-बैठाए सौगात मिलना
- किस्मत चमकना
- छप्पर फाड़ के मिलना
इन सभी में एक बात समान है – “बिना मेहनत के अनायास लाभ या सफलता”।
निष्कर्ष:
‘अंधे के हाथ बटेर लगना’ एक आम बोलचाल का मुहावरा है, जो भाग्यवश मिली सफलता या संयोग से मिली उपलब्धि को दर्शाता है।
यह दर्शाता है कि कैसे कभी-कभी किसी व्यक्ति को बिना किसी योग्यता या प्रयास के भी कुछ बहुत मूल्यवान या लाभप्रद मिल जाता है।
इसलिए सही उत्तर है – (ब) बिना कुछ किए फल की प्राप्ति।
