थकान क्यों होती है?
थकान इसलिए होती है क्योंकि जब हम लगातार शारीरिक या मानसिक काम करते हैं, तो शरीर की ऊर्जा धीरे-धीरे कम हो जाती है। इससे मांसपेशियाँ और दिमाग दोनों थक जाते हैं। पर्याप्त आराम, नींद और पोषण की कमी भी थकान का कारण बनती है।
थकान किसे कहते हैं?
कार्य करने के बाद जब मन या शरीर किसी भी कार्य को करने के लिए उत्साहित न हो, तो उस स्थिति को थकान कहते हैं। यह एक सामान्य अनुभव है जो हर व्यक्ति को होता है — चाहे वह शारीरिक कार्य करे या मानसिक।
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थकान और कमजोरी के लक्षण
- एकाग्रता की कमी
- जम्हाइयाँ आना और नींद लगना
- आलस्य एवं शिथिलता का अनुभव
- अत्यधिक थकान पर नींद आ जाना
- काम में बार-बार गलती होना
- सामान्य कार्यों में अधिक समय लगना
- चिड़चिड़ापन आना
- माथे पर बार-बार हाथ रखना
- कंधों का झुक जाना और काम में रुचि न होना
थकान और कमजोरी के कारण
- शरीर में ग्लाइकोजन की कमी
- पौष्टिक तत्वों की कमी
- रासायनिक परिवर्तनों के कारण
- रक्त में ऑक्सीजन की कमी
- नींद की कमी
- अनुपयुक्त या अपर्याप्त भोजन
- समाज या परिवार में उपेक्षा
- लगातार असफलता का अनुभव
- अनुचित आसन या शरीर की स्थिति
थकान के प्रकार
थकान मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
- शारीरिक थकान
- मानसिक थकान
1. शारीरिक थकान
यह थकान शारीरिक गतिविधियाँ जैसे दौड़ना, खड़े रहना, खेलना आदि करने के बाद होती है।
2. मानसिक थकान
यह थकान मानसिक कार्यों जैसे पढ़ाई, सोचने या मस्तिष्क पर अधिक दबाव डालने के कारण होती है।
थकान कैसे दूर करें?
- पर्याप्त आराम करें
- पूरी नींद लें
- मनोरंजन करें और स्वच्छ वातावरण में रहें
- गर्म पानी से स्नान करें
- भोजन में ग्लूकोज या चीनी की मात्रा बढ़ाएँ
- काम में थोड़ा बदलाव लाएँ
- श्वास द्वारा शरीर में अधिक ऑक्सीजन पहुँचाएँ
- काम करने का स्थान आरामदायक और सकारात्मक होना चाहिए
