किशोरावस्था की समस्याएं क्या हैं? (Problems of Adolescents)
कुछ शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के कारण किशोरावस्था में बच्चे कई प्रकार की परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसी प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:
- शारीरिक समस्याएं (Physical Problems)
- मानसिक समस्याएं (Mental Problems)
- आक्रमण व्यवहार की समस्या (Problem of Aggressive Behavior)
- भावनात्मक समस्याएं (Emotional Problems)
- सामंजस्य और स्थिरता की कमी (Lack of Stability and Adjustment)
- यौन संबंधी समस्याएं (Problems Relating to Sex)
- आत्मनिर्भर होने की समस्या (Problems of Self-Support)
- महत्व की भावना (Feeling of Importance)
- सामाजिक समस्या (Social Problem)
1. शारीरिक समस्याएं (Physical Problems)
किशोरावस्था में लड़कियों में मासिक धर्म और लड़कों में स्वप्नदोष जैसे बदलाव शुरू हो जाते हैं। यौन ग्रंथियों का विकास, शरीर के अंगों का असमान विकास, बेचैनी और चिंता जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं क्योंकि इस उम्र में पूर्ण जानकारी की कमी होती है।
2. मानसिक समस्याएं (Mental Problems)
तनाव, कुंठा और चिंताओं के कारण किशोर मानसिक अस्थिरता का अनुभव करते हैं। सामंजस्य बनाने में कठिनाई होती है और वे खुद को अकेला महसूस करते हैं। हालांकि उनके अंदर जिज्ञासा और चीजों की गहराई तक सोचने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।
3. आक्रमण व्यवहार की समस्या (Problem of Aggressive Behavior)
किशोर कई बार आक्रामक हो जाते हैं, जल्दी चिड़चिड़ाते हैं और कार्यों को नकारते हैं। वे कभी-कभी अपनी शक्ति का गलत प्रयोग करने लगते हैं।
4. भावनात्मक समस्याएं (Emotional Problems)
यह अवस्था अत्यंत भावनात्मक होती है। किशोर कभी अति उत्साह में रहते हैं तो कभी गहरी निराशा में। यह अस्थिरता उनके व्यवहार को असंतुलित बना सकती है।
5. सामंजस्य और स्थिरता की कमी (Lack of Stability and Adjustment)
किशोरों में व्यवहार की स्थिरता नहीं होती, जिससे वे सामाजिक और पारिवारिक सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते। उन्हें लगता है कि वे माता-पिता के दबाव में जी रहे हैं और वे अधिक स्वतंत्रता चाहते हैं।
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6. यौन संबंधी समस्याएं (Problems Relating to Sex)
किशोर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं और कई बार इस उत्सुकता के कारण गलत दिशा में भी जा सकते हैं। उचित मार्गदर्शन की कमी उन्हें बेचैन बना देती है।
7. आत्मनिर्भर होने की समस्या (Problems of Self-Support)
किशोर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं, लेकिन सही दिशा और अवसर न मिलने पर वे भ्रमित हो सकते हैं। वे अपने जीवन में डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी बनने जैसे सपने देखते हैं।
8. महत्व की भावना (Feeling of Importance)
किशोर स्वयं को महत्वपूर्ण समझते हैं और सम्मान की अपेक्षा करते हैं। यदि उन्हें यह नहीं मिलता तो उनकी भावना को ठेस पहुंचती है।
9. सामाजिक समस्या (Social Problem)
किशोर समाज की परंपराओं और नियमों से टकराते हैं। वे अपने दोस्तों के प्रभाव में गलत आदतों जैसे नशा, धूम्रपान आदि की ओर बढ़ सकते हैं। सही मार्गदर्शन से उनमें सकारात्मक सामाजिक गुण विकसित किए जा सकते हैं।
