अस्थि संस्थान क्या है? | कार्य, प्रकार और व्यायाम पर प्रभाव

अस्थि संस्थान क्या है?

इस संस्थान में अनेक अस्थियों (Bones) की संरचना होती है जो जुड़कर एक मजबूत ढाँचा बनाती हैं जिसे हम अस्थि पंजर (Skeleton) कहते हैं। यह ढाँचा हमारे शरीर को समर्थन, आकार और सुरक्षा प्रदान करता है।

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अस्थि संस्थान के कार्य

  • शरीर को आकार और समर्थन प्रदान करता है।
  • मुख्य अंगों जैसे मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े आदि की सुरक्षा करता है।
  • माँसपेशियाँ अस्थियों से जुड़कर शरीर को गति देती हैं।
  • अस्थियों में स्थित अस्थि मज्जा (Bone Marrow) रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होती है।

अस्थियों के प्रकार

मानव शरीर में अस्थियाँ सात प्रमुख प्रकार की होती हैं:

  1. खोपड़ी की अस्थियाँ (Skull Bones): मस्तिष्क की सुरक्षा करती हैं।
  2. रीढ़ की अस्थियाँ (Back Bones): शरीर का संतुलन बनाए रखती हैं।
  3. मसलियाँ (Ribs): हृदय व फेफड़ों को सुरक्षा देती हैं।
  4. कंधे की अस्थियाँ (Shoulder Girdle Bones): हाथों को जोड़ती हैं।
  5. हाथों की अस्थियाँ (Upper Limbs): कंधे से हाथ की उंगलियों तक होती हैं।
  6. कूल्हे की अस्थियाँ (Pelvic Bones): धड़ को पैरों से जोड़ती हैं।
  7. पैरों की अस्थियाँ (Lower Limbs): चलने और भार उठाने में सहायक होती हैं।

व्यायाम का अस्थि संस्थान पर प्रभाव

व्यायाम करते समय शरीर की अस्थियाँ विभिन्न स्थितियों में गतिशील होती हैं जिससे जोड़ों पर दबाव पड़ता है।

  • जोड़ों को लिगामेंट्स (Ligaments) और कार्टिलेज (Cartilage) स्थिर रखते हैं।
  • अत्यधिक या गलत व्यायाम से इन संरचनाओं पर तनाव आ सकता है।
  • अगर यह तनाव सीमा से अधिक हो जाए तो अस्थि टूटने या जोड़ों में सूजन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
  • लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह स्थायी विकार बन सकता है।

निष्कर्ष

अस्थि संस्थान शरीर की संरचना, सुरक्षा और गति का आधार है। इसलिए इसे स्वस्थ रखने के लिए उचित व्यायाम, आहार और सावधानी जरूरी है।

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