!! राजा और मंत्री !! | Raja Aur Mantri Prerak Prasang
अगर आप prerak prasang in hindi, motivational story in hindi, hindi moral story, short inspirational story in hindi, raja aur mantri kahani, prerak kahaniyan, life lesson story in hindi, hindi kahaniyan जैसी सर्च कर रहे हैं, तो यह कहानी आपके लिए है।
एक राजा जिसका बहुत बड़ा राज्य था। कोई कमी नहीं थी, जो भी हुक्म करते वही हो जाता था। लेकिन राजा में एक आदत थी कि वह जो भी कोई थोड़ी सी गलती करता उसे तुरंत दस बड़े खुंखार कुत्तों के सामने डालकर उसे कुत्तों से नुचवाता। राजा बड़ा गुस्से वाला था।
राजा की इस आदत से सभी परेशान थे। राजा का मंत्री भी राजा की इस आदत की आलोचना करता था। एक दिन उसी मंत्री से कोई गलती हो गयी। राजा को गलती का पता चला तो राजा ने तुरंत हुक्म दिया कि जाओ मंत्री को कुत्तों के सामने ले जाओ।
मंत्री ने राजा से गलती मानी, माफी मांगी लेकिन राजा ने कुछ नहीं सुना। और कहा कि जो कह दिया सो कह दिया। और सिपाहियों से कहा ले जाओ कुत्तों के बाड़े में। मंत्री ने कहा ठीक है राजा जी लेकिन मेरी आखिरी इच्छा तो मान लो। राजा ने कहा ठीक है बताओ अपनी आखिरी इच्छा। मंत्री ने कहा मुझे दस दिन की मोहलत दे दीजिए बस। राजा ने कहा ठीक है दस दिन की मोहलत दे देते हैं।
लेकिन ग्यारहवें दिन सजा जरूर मिलेगी। मंत्री दस दिन तक राजा के पास नहीं आया। और ग्यारहवें दिन राजा के सामने पेश हो गया। राजा ने मंत्री को देखा और सिपाहियों से कहा जो सजा रखी थी मंत्री के लिए उसे पूरी की जाए। सिपाही मंत्री को कुत्तों के बाड़े में लेकर गये, कुत्तों को भी खोल दिया गया। लेकिन कुत्ते मंत्री पर प्रहार करने के बजाय मंत्री से प्यार से पेश आ रहे थे।
यह देखकर राजा चौंक गया कि जिन कुत्तों को प्रहार करने के लिए ट्रेन किया गया है वे इतने प्यार से पेश आ रहे हैं। राजा ने मंत्री से कहा कि ये चमत्कार कैसे हो गया! इन कुत्तों को क्या हो गया है। मंत्री ने जवाब दिया कि इन दस दिनों में मैंने इन कुत्तों की बहुत सेवा की है। इन्हें खाना खिलाया, नहलाया अब ये कुत्ते जान चुके हैं कि मैं इनके लिए कुछ अच्छा करता हूँ ना कि बुरा। ये मुझ पर प्रहार नहीं करेंगे। मैंने आपकी इतने दिनों से सेवा की है, फिर भी आप मेरी एक गलती को माफ नहीं कर सके। आपसे ज्यादा अच्छे तो ये कुत्ते हैं जो अच्छा और बुरे को पहचानते हैं। राजा यह सब देखकर बड़ा शर्मिन्दा हुआ।
शिक्षा | Moral of the Story
हमें हमेशा सोच-समझ कर फैसले लेने चाहिए। किसी की एक गलती को लेकर ही उसे जिंदगी भर के लिए सजा नहीं देनी चाहिए, बल्कि उसे माफ करने की हिम्मत रखनी चाहिए। माफ करना और सेवा का महत्व जीवन में बहुत जरूरी है।
यह prerak prasang in hindi for students, short inspirational story in hindi, hindi motivational kahani, life lesson story in hindi, prerak kahaniyan, hindi moral stories जैसी सर्च के लिए भी उपयुक्त है। ऐसी और prerak prasang के लिए हमारे ब्लॉग को जरूर फॉलो करें।