प्रश्न : 'खून खौलना' से तात्पर्य है –
(अ) प्यार करना
(ब) गुस्सा आना
(स) डाँटना
(द) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ब) गुस्सा आना
विस्तृत व्याख्या:
‘खून खौलना’ हिन्दी भाषा का एक प्रचलित और प्रभावशाली मुहावरा है।
इसका भावार्थ होता है — “इतनी अधिक क्रोध या उत्तेजना होना कि शरीर में खून तक गर्म हो जाए”।
यह मुहावरा दर्शाता है कि व्यक्ति भीतर से गहरे क्रोध या आक्रोश में भर गया है।
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मुहावरे की बनावट और अर्थ:
- ‘खून’ का अर्थ है – शरीर की वह तरल द्रव्य जो जीवन का आधार है।
- ‘खौलना’ शब्द सामान्यतः पानी के उबालने की क्रिया के लिए प्रयोग होता है।
- जब यह कहा जाता है कि ‘खून खौल रहा है’, तो उसका अर्थ होता है कि व्यक्ति का आक्रोश इतना अधिक है कि जैसे उसका खून ही उबल रहा हो।
इसका अर्थ शाब्दिक नहीं है, बल्कि भावनात्मक और प्रतीकात्मक होता है।
प्रयोग के उदाहरण:
- "जब उसने सैनिकों का अपमान सुना, तो उसका खून खौलने लगा।" – देशभक्ति के कारण क्रोध आना
- "इतनी बेइज्जती देखकर मेरा खून खौल उठा!" – अपमान और अन्याय के प्रति तीव्र गुस्सा
विकल्पों का विश्लेषण:
(अ) प्यार करना
‘खून खौलना’ प्यार से बिल्कुल विपरीत भावना है। प्यार में मन शांत होता है, जबकि इस मुहावरे में तीव्र क्रोध होता है।
(ब) गुस्सा आना
सटीक उत्तर। यह मुहावरा अत्यधिक क्रोध, आक्रोश या उत्तेजना की स्थिति को प्रकट करता है।
(स) डाँटना
डाँटना एक क्रिया है जो गुस्से का परिणाम हो सकती है, लेकिन ‘खून खौलना’ केवल अंदरूनी गुस्से की स्थिति को दर्शाता है, न कि डाँटने की क्रिया को।
(द) इनमें से कोई नहीं
चूंकि (ब) उत्तर बिल्कुल सही है, यह विकल्प भी गलत है।
निष्कर्ष:
‘खून खौलना’ का अर्थ होता है – भीतर से तेज़ गुस्सा आना या आक्रोश से भर जाना।
यह मुहावरा तब प्रयुक्त होता है जब व्यक्ति को अत्यधिक अन्याय, अपमान या क्रूरता देखकर क्रोध आता है।
अतः सही उत्तर है – (ब) गुस्सा आना
