प्रश्न : 'अत्यधिक' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है – (अ) अत्य (ब) अत् (स) अति (द) अ

प्रश्न : 'अत्यधिक' शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है –

(अ) अत्य
(ब) अत्
(स) अति
(द) अ

सही उत्तर: (स) अति


विस्तृत व्याख्या:

उपसर्ग (Prefix) वे शब्दांश होते हैं जो शब्दों के पहले जुड़कर उनके अर्थ में विशेषता, परिवर्तन या विस्तार लाते हैं। उदाहरण के लिए: प्र + काश = प्रकाश, अति + अधिक = अत्यधिक

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अब 'अत्यधिक' शब्द को व्याकरणिक दृष्टि से देखें:

अत्यधिक = अति + अधिक

  • ‘अति’ उपसर्ग है, जिसका अर्थ होता है — अत्यंत, बहुत ज़्यादा, अधिकता में
  • जब ‘अति’ उपसर्ग ‘अधिक’ शब्द से जुड़ता है, तो संधि के कारण यह रूप बनता है: अति + अधिक → अत्यधिक

संधि नियम:

  • अति + अधिक = अत्यधिक ("अति" के अंतिम ‘इ’ और "अधिक" के पहले ‘अ’ के मेल से 'य' आता है — इसे यण संधि कहते हैं।)

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (अ) अत्य – यह कोई स्वतंत्र उपसर्ग नहीं है।
  • (ब) अत् – यह "अति" का रूप नहीं है, यह उपसर्ग के रूप में नहीं प्रयोग होता।
  • (द) अ – यह एक उपसर्ग हो सकता है (जैसे: अ + शुद्ध = अशुद्ध), परंतु 'अत्यधिक' में इसका प्रयोग नहीं है।

निष्कर्ष:

‘अत्यधिक’ शब्द में उपसर्ग है – ‘अति’, जो "बहुत अधिक" का भाव प्रकट करता है।
इसलिए सही उत्तर है — (स) अति

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